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तजवीद के नियम

मद और क़स्र: खींचना

संकलन और संपादन: सैयद अब्दुल सलाम

मूल पाठ की विद्वानों द्वारा समीक्षा: डॉ. उज़्मा, इमाम सैयद सिराज मुनीर

यह अनुवाद विद्वानों द्वारा जाँचे गए अरबी, उर्दू और अंग्रेज़ी पाठ पर आधारित है।

अपडेट किया गया:

मुसहफ़ की लिपि:
रंगों की गाइड

क़ुरआन के उदाहरणों में सिर्फ़ वे अक्षर रंगे गए हैं जिन पर नियम लागू होता है; शब्द का बाक़ी हिस्सा काला रहता है। पूरी किताब में हर रंग का एक ही तय अर्थ है:

Ghunnah: Ikhfa', Iqlab, Idgham bi-Ghunnah, शद्दा वाला Nun और Mim
Izhar: Halqi, Shafawi, Qamari
वह अक्षर जो लिखा जाता है पर पढ़ा नहीं जाता, या बिना Ghunnah के पूरी तरह मिला दिया जाता है
Qalqalah
दो हरकत का Madd: Tabi'i, Badal, Silah Sughra, 'Iwad
चार या पाँच हरकत का Madd: Muttasil, Munfasil, Silah Kubra
छह हरकत का Madd Lazim
2, 4 या 6 हरकत का Madd: रुकने पर 'Arid li-s-Sukun और Lin
Tafkhim (भारी)
Tarqiq (हल्का)
उदाहरण में जिस अक्षर का अध्ययन हो रहा है
विशेष स्थितियाँ: Sakt, Imalah, Tashil, Ishmam
अल मुक़द्दिमा अल जज़रिय्या से
٦٩وَالْمَدُّ لَازِمٌ وَوَاجِبٌ أَتَىوَجَائِزٌ وَهْوَ وَقَصْرٌ ثَبَتَا
٧٠فَلَازِمٌ إِنْ جَاءَ بَعْدَ حَرْفِ مَدّْسَاكِنُ حَالَيْنِ وَبِالطُّولِ يُمَدّْ
٧١وَوَاجِبٌ إِنْ جَاءَ قَبْلَ هَمْزَةِمُتَّصِلًا إِنْ جُمِعَا بِكِلْمَةِ
٧٢وَجَائِزٌ إِذَا أَتَى مُنْفَصِلَاأَوْ عَرَضَ السُّكُونُ وَقْفًا مُسْجَلَا

परिभाषाएँ और मद के अक्षर

Madd (المَدّ) का अर्थ है बढ़ाना; पारिभाषिक रूप से यह हमज़ा या सुकून से मिलने पर मद के अक्षर के साथ आवाज़ को खींचना है। Qasr (القَصْر) का अर्थ है रोकना; पारिभाषिक रूप से यह मद के अक्षर को उसकी स्वाभाविक लंबाई पर रखना है। Huruf al-Madd (حُرُوف المَدّ) तीन हैं: ज़बर के बाद साकिन Alif, पेश के बाद साकिन Waw, और ज़ेर के बाद साकिन Ya; तीनों ﴿نُوحِيهَآنُوْحِيْهَآ﴾ (Hud 11:49) में आते हैं। Lin (اللِّين) के अक्षर ज़बर के बाद साकिन Waw या Ya हैं।

मद हरकतों (حركة) में नापा जाता है: मध्यम गति से एक उँगली बंद करने या खोलने का समय। असली पैमाना शिक्षक से सीखना है, मशीनी गिनती नहीं। मद या तो Madd Asli (المَدّ الأَصْلِيّ) है या Madd Far'i (المَدّ الفَرْعِيّ)।

Tabi'i, Badal, 'Iwad, Silah Sughra2
Muttasil4 / 5
Munfasil, Silah Kubra4 / 5
'Arid li-s-Sukun, रुकने पर Lin2 / 4 / 6
Lazim (सभी प्रकार)6
हल्के रंग वाले हिस्से दूसरी जायज़ लंबाइयाँ दिखाते हैं।

Madd al-Farq

Madd al-Farq (مَدّ الفَرْق): जब प्रश्नवाचक हमज़ा ऐसी संज्ञा पर आए जो हमज़ा ए वस्ल और उपपद से शुरू होती है, तो हमज़ा ए वस्ल नहीं गिरता। इसे छह हरकत के Alif में बदला जा सकता है, जो बेहतर है, या हमज़ा और Alif के बीच हल्का किया जा सकता है। इसका यह नाम इसलिए है क्योंकि यह प्रश्न को कथन से अलग करता है। यह तीन शब्दों में, छह जगह है: सूरह अल अनआम में दो बार ﴿ءَآلذَّكَرَيۡنِءٰٓالذَّكَرَيْنِ﴾ (Al-An'am 6:143), सूरह यूनुस में दो बार ﴿ءَآلۡـَٰٔنَآٰلْـٰٔنَ﴾ (Yunus 10:51), और सूरह यूनुस और अन नम्ल में ﴿قُلۡ ءَآللَّهُقُلْ آٰللّٰهُ﴾ (Yunus 10:59)।

मदों की ताक़त

सबसे मज़बूत मद लाज़िम है, फिर मुत्तसिल, फिर आरिज़, फिर मुनफ़सिल, फिर बदल। जब एक मद में दो कारण मिलें, तो मज़बूत लागू होता है और कमज़ोर छूट जाता है, जैसे ﴿وَلَآ ءَآمِّينَوَلَآ آٰمِّيْنَ﴾ (Al-Ma'idah 5:2): मद के अक्षर से पहले हमज़ा (बदल) और बाद में असली सुकून है, इसलिए छह हरकत खींचा जाता है।

संक्षेप में नियम
Tabi'i 2। Muttasil 4 या 5 (अंतिम हमज़ा पर रुकने पर 6)। Munfasil 4 या 5। Badal 2। Lazim 6। रुकने पर 'Arid और Lin 2, 4 या 6। सूरह मरयम और अश शूरा की शुरुआत का 'Ayn 4 या 6, और 6 बेहतर है।
स्रोत: Ibn al-Jazari, al-Muqaddimah al-Jazariyyah, शेर 69 से 72; Ibn al-Jazari, an-Nashr fi al-Qira'at al-'Ashr: باب المد والقصر; Ibn al-Jazari, at-Tamhid fi 'Ilm at-Tajwid: باب المد; Al-Marsafi, Hidayat al-Qari ila Tajwid Kalam al-Bari: المد والقصر وأقسامهما.