यह अनुवाद विद्वानों द्वारा जाँचे गए अरबी, उर्दू और अंग्रेज़ी पाठ पर आधारित है।
अपडेट किया गया:
मुसहफ़ की लिपि:
रंगों की गाइड
क़ुरआन के उदाहरणों में सिर्फ़ वे अक्षर रंगे गए हैं जिन पर नियम लागू होता है; शब्द का बाक़ी हिस्सा काला रहता है। पूरी किताब में हर रंग का एक ही तय अर्थ है:
Ghunnah: Ikhfa', Iqlab, Idgham bi-Ghunnah, शद्दा वाला Nun और Mim
Izhar: Halqi, Shafawi, Qamari
वह अक्षर जो लिखा जाता है पर पढ़ा नहीं जाता, या बिना Ghunnah के पूरी तरह मिला दिया जाता है
Qalqalah
दो हरकत का Madd: Tabi'i, Badal, Silah Sughra, 'Iwad
चार या पाँच हरकत का Madd: Muttasil, Munfasil, Silah Kubra
छह हरकत का Madd Lazim
2, 4 या 6 हरकत का Madd: रुकने पर 'Arid li-s-Sukun और Lin
Tafkhim (भारी)
Tarqiq (हल्का)
उदाहरण में जिस अक्षर का अध्ययन हो रहा है
विशेष स्थितियाँ: Sakt, Imalah, Tashil, Ishmam
क़ुरआन में साकिन Lam पाँच प्रकार का है: Lam at-Ta'rif(لَام التَّعْرِيف), क्रिया का Lam, अव्यय का Lam, आदेश का Lam और संज्ञा का Lam। हर एक का अगले अक्षर से मिलने पर एक नियम है।
उपपद (अल) का Lam
उपपद के Lam की दो स्थितियाँ हैं: ابْغِ حَجَّكَ وَخَفْ عَقِيمَهُ में इकट्ठा चौदह अक्षरों से पहले Izhar Qamari(الإِظْهَار القَمَرِيّ), जहाँ Lam सुकून के साथ साफ़ पढ़ा जाता है; और बाक़ी चौदह अक्षरों में Idgham Shamsi(الإِدْغَام الشَّمْسِيّ), जो طِبْ ثُمَّ صِلْ رَحِمًا تَفُزْ ضِفْ ذَا نِعَمْ دَعْ سُوءَ ظَنٍّ زُرْ شَرِيفًا لِلْكَرَمْ के शब्दों के पहले अक्षर हैं, जहाँ Lam पढ़ा नहीं जाता और अगले अक्षर पर शद्दा होता है।
ٱلۡحَمۡدُاَلْحَمْدُ
Al-Fatihah 1:2
Izhar Qamari
ٱلۡكِتَٰبُالْكِتٰبُ
Al-Baqarah 2:2
Izhar Qamari
ٱلۡمُفۡلِحُونَالْمُفْلِحُوْنَ
Al-Baqarah 2:5
Izhar Qamari
ٱلرَّحۡمَٰنِالرَّحْمٰنِ
Al-Fatihah 1:3
Idgham Shamsi
وَٱلشَّمۡسِوَالشَّمْسِ
Ash-Shams 91:1
Idgham Shamsi
ٱلَّذِينَالَّذِيْنَ
Al-Fatihah 1:7
Idgham Shamsi
क्रिया का Lam
यह भूत, वर्तमान या आज्ञार्थ क्रिया का असली साकिन Lam है। यह हमेशा साफ़ पढ़ा जाता है, सिवाय तब जब इसके बाद Lam या Ra' हो, जिनमें यह मिल जाता है। Nun से पहले इसे साफ़ पढ़ने का ध्यान रखें, जैसा कवि कहते हैं: "और qul na'am।"
وَإِذۡ قُلۡنَاوَاِذْ قُلْنَا
Al-Baqarah 2:34
Izhar
قُلۡ نَعَمۡقُلْ نَعَمْ
As-Saffat 37:18
Nun से पहले Izhar
فَٱلۡتَقَمَهُفَالْتَقَمَهُ
As-Saffat 37:142
Izhar
وَقُل رَّبِّوَقُلْ رَّبِّ
Al-Isra 17:80
Ra' में इदग़ाम
فَلَا تَقُل لَّهُمَآفَلَا تَقُلْ لَّهُمَآ
Al-Isra 17:23
Lam में इदग़ाम
अव्यय का Lam
यह هل और بل का Lam है। यह साफ़ पढ़ा जाता है, सिवाय Lam और Ra' से पहले, जहाँ यह मिल जाता है। अपवाद ﴿بَلۡۜ رَانَبَلْﶌ رَانَ﴾(Al-Mutaffifin 83:14) है: हफ़्स Lam पर हल्का सा ठहराव करते हैं, इसलिए इदग़ाम नहीं होता।
بَل رَّفَعَهُۢبَلْ رَّفَعَهُ
An-Nisa 4:158
Idgham
بَل لَّابَلْ لَّا
Al-Fajr 89:17
Idgham
هَلۡ أَتَىٰهَلْ اَتٰي
Al-Insan 76:1
Izhar
بَلۡۜ رَانَبَلْﶌ رَانَ
Al-Mutaffifin 83:14
हफ़्स में सक्त
आदेश का Lam और संज्ञा का Lam
आदेश का Lam و، ف، ثم के बाद वर्तमान काल की क्रिया पर आता है; संज्ञा का Lam संज्ञा के बीच का असली Lam है। दोनों हमेशा साफ़ पढ़े जाते हैं।
فَلۡيَعۡبُدُواْفَلْيَعْبُدُوْا
Quraysh 106:3
आदेश का Lam
وَلۡيَتَلَطَّفۡوَلْيَتَۙلَطَّفْ
Al-Kahf 18:19
आदेश का Lam
أَلۡسِنَتِكُمۡاَلْسِنَتِكُمْ
Ar-Rum 30:22
संज्ञा का Lam
नोट
बहुत से इंडो पाक मुसहफ़ ﴿وَلْيَتَۙلَطَّفْ﴾(Al-Kahf 18:19) शब्द पर निशान लगाते हैं, क्योंकि उनकी अक्षर गिनती के अनुसार यह क़ुरआन का बीच है।
स्रोत: Ibn al-Jazari, al-Muqaddimah al-Jazariyyah, शेर 50 से 51; Ibn al-Jazari, an-Nashr fi al-Qira'at al-'Ashr: باب الإدغام الصغير; Al-Marsafi, Hidayat al-Qari ila Tajwid Kalam al-Bari: أحكام اللامات السواكن.