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क़ुरआन हिफ़्ज़

निजी योजना, रोज़ सुनने और नियमित दोहराई के साथ क़ुरआन हिफ़्ज़ करें।

يُقَالُ لِصَاحِبِ الْقُرْآنِ اقْرَأْ وَارْتَقِ وَرَتِّلْ كَمَا كُنْتَ تُرَتِّلُ فِي الدُّنْيَا، فَإِنَّ مَنْزِلَكَ عِنْدَ آخِرِ آيَةٍ تَقْرَؤُهَا

क़ुरआन वाले से कहा जाएगा: पढ़ते जाओ और चढ़ते जाओ, और ठहर ठहर कर पढ़ो जैसे तुम दुनिया में पढ़ते थे, क्योंकि तुम्हारा दर्जा उस आख़िरी आयत पर होगा जो तुम पढ़ोगे।

सुनन अबी दाऊद 1464, जामे तिर्मिज़ी 2914

हमारी हिफ़्ज़ की कक्षाएँ कैसे होती हैं

हर कक्षा के तीन हिस्से होते हैं। छात्र पहले नया हिस्सा (सबक़) शिक्षक को सुनाता है, फिर पिछले कुछ दिनों में याद किया गया हिस्सा (सबक़ी), फिर पहले का बड़ा हिस्सा (मंज़िल)। दोहराई हर कक्षा का हिस्सा है, क्योंकि जो याद दोहराया न जाए वह जल्द भूल जाता है।

छात्र शुरू से ही तजवीद के साथ पढ़ते हैं। जो छात्र अभी रवानी से नहीं पढ़ पाता, वह पहले क़ुरआन पढ़ने का कोर्स पूरा करता है, ताकि कुछ भी ग़लतियों के साथ याद न हो।

समय सारणियाँ

अंशकालिक
स्कूल या काम पर जाने वाले छात्रों के लिए छोटी रोज़ाना कक्षाएँ।
पूर्णकालिक
उन छात्रों के लिए दिन में 3 से 4 घंटे तक जो हिफ़्ज़ पर पूरा ध्यान दे सकते हैं।
फ़ीस
फ़ीस हर सप्ताह के घंटों पर निर्भर है। हमें अपना विचार बताएँ, हम एक योजना सुझाएँगे।

इस कोर्स के शिक्षक

उनकी निजता के सम्मान में हम अपनी शिक्षिकाओं की तस्वीरें प्रकाशित नहीं करते।

हिफ़्ज़ की समय सारणी बनाएँ

हमें छात्र की उम्र, मौजूदा स्तर और हर दिन उपलब्ध घंटे बताएँ।